બુધવાર, 20 નવેમ્બર, 2024

जिसके बिना दिल ना लगे

 



किसी से दिल लग जाने को प्यार नहीं कहते,
बल्कि जिसके बिना दिल ना लगे उसे प्यार कहते हैं।


उसके बिना ये रात अधूरी, चाँद भी लगता है फीका सा।
उसकी हँसी के बिना ये दिल, जैसे तन्हा कई सदींयो का।
हर साँस में उसकी खुशबू, हर धड़कन उसका नाम ले।
उसके बिना ये दुनिया मेरी, सिर्फ एक ख्वाब सा लगे।


किसी से दिल लग जाने को प्यार नहीं कहते,
बल्कि जिसके बिना दिल ना लगे उसे प्यार कहते हैं।
उसका होना ही है जादू सा, उसके बिना सब अधूरा सा।


उससे जुड़े हर एहसास में, एक नई सी रोशनी है।
उसके पास जाते ही, जिंदगी भी मुस्कराई है।
वो जो दूर होता है तो, दिल मेरा खो जाता है।
उसकी झलक पाते ही, आँखों को सुकून आता है,


किसी से दिल लग जाने को प्यार नहीं कहते,
बल्कि जिसके बिना दिल ना लगे उसे प्यार कहते हैं।
उसका होना ही है जादू सा, उसके बिना सब अधूरा सा।

 


उसकी आँखों की गहराई में, डूब जाए मेरा ये मन।
उसकी बाहों के साए में, मिल जाए हर एक क्षण।
वो है तो सब कुछ है यहाँ, उसके बिना हर पल अधूरा सा।
जैसे बिन सरगम गीत अधूरा, वैसे मैं हूँ उससे जुदा सा।


किसी से दिल लग जाने को प्यार नहीं कहते,
बल्कि जिसके बिना दिल ना लगे उसे प्यार कहते हैं।
उसका होना ही है जादू सा, उसके बिना सब अधूरा सा।

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