રવિવાર, 8 ડિસેમ્બર, 2024

चेहरे पे हँसी और दिल में ग़म

 


चेहरे पे हँसी और दिल में ग़म,
कुछ इस तरह जी रहे हैं हम।
खुशियों की चाहतमें, खो गए हम,
सपनों की राहमें, सो गए हम।


रंगीन दुनिया का ये अलग तमाशा,
हर कोई पहने हुआ है नक़ाबसा।
आँखों में आँसू, होठों पे मुस्कान,
जिंदगी का ये कैसा इम्तिहान।

जो बात दिलमें है, कह नहीं पाते हम,
अपनी परछाईं से भी डर जाते हम।
चेहरे पे हँसी और दिल में ग़म,
कुछ इस तरह जी रहे हैं हम।


हर साँस में छुपा है दर्द का समंदर,
फिर भी बनाते हैं खुशियों का मंजर।
ये दिल का खेल है, समझ ना पाए,
जो अपना लगे, वो दूर हो जाए।

शोर के बीच खामोशी का आलम,
हर मुस्कान के पीछे एक मातम|
चेहरे पे हँसी और दिल में ग़म,
कुछ इस तरह जी रहे हैं हम।


दुनिया के दिखावे में, सब खो दिया हमने,
जिनसे प्यार था, वो भी छूट गया हमसे ।
चले थे जहां, वो राहें भी रूठीं हमसे,
खुशियों के दामन ,कहीं खो गया हमसे।

जिंदगी सिखाती है, हर रोज़ नया सबक,
फिर भी दिल ना माने, है यह अपनी अदब |
चेहरे पे हँसी और दिल में ग़म,
कुछ इस तरह जी रहे हैं हम।

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