आँखे बंद करके भी
मैंने तुम्हें देखा है
आप हो उससे कई अधिक आपको देखा है
तूने लगायी है
माथे पे बिंदिया , उसमे मैंने कही
चन्द्रमा देखा है,
आँखे बंद करके भी
मैंने तुम्हें देखा है
आप हो उससे कई अधिक आपको देखा है
तूने पहनी है
झांजर की आवाज में , मैंने कोयल की आवाज
को सुना है ,
आँखे बंद करके भी
मैंने तुम्हें देखा है
आप हो उससे कई अधिक आपको देखा है
तेरे कानो के
झुमके की चमक में मैंने सूरज की किरणे को देखा है,
आँखे बंद करके भी मैंने
तुम्हें देखा है
आप हो उससे कई अधिक आपको देखा है
तेरे हांथोकी चूडियो की खनक में, सरगम के हर सुर को सुना
है
आँखे बंद करके भी
मैंने तुम्हें देखा है
आप हो उससे कई अधिक आपको देखा है
तेरे कांले बालो
के गजरे में, मैंने खिलता कोई फूल देखा है,
आँखे बंद करके भी मैंने
तुम्हें देखा है
आप हो उससे कई अधिक आपको देखा है
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